"Names and Uses of Animal Medicine: Veterinary Medicine List and Uses In Hindi"

VETERINARY MEDICINE

1. ANALGESIC : 

  • एनाल्जेसिक वे औषधियाँ होती है जो शरीर में दर्द को कम करने का कार्य करती है। सामन्यत पशुओ में निम्न एनाल्जेसिक इंजेक्शन (Analgesic Injection) का अधिक उपयोग किया जाता है।
Ex. Analgin , Novalgin , Spasmvet (पेट दर्द के लिए )

2. Anti Pyretic Drugs : 

  • एंटी पायरेटिक दवाएँ जानवरों में बुखार को कम करने में मदद करती हैं। जब जानवर को बुखार होता है, तो इन दवाओं का प्रयोग उसके तापमान को नियंत्रित करने और इसे सामान्य स्तर पर लाने के लिए किया जाता है। ये दवाएँ जानवरों के अनेक स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे कि संक्रमण या अन्य रोगों के कारण होने वाले बुखार को कम करने में प्रयोग की जाती हैं। वे जानवरों को आराम और सुखद बनाती हैं और उनकी आरामदायकता को बढ़ाती हैं।
Ex. - Meloxicam , Paracetamol , Nimesulide , Diclofenic , Ibuprofen , Ketoprofen etc. 

3. Anti Inflammatary Drugs :

एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाएँ जानवरों में अंग-प्रदाह (Inflamation) को कम करने और दर्द को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। जब जानवरों को संक्रमण, घाव, या अन्य चोट का सामना करना पड़ता है, तो उनके शरीर में इन्फ्लेमेशन (प्रदाह) हो सकता है।
Ex. - Meloxicam , Paracetamol etc. 

4. Non Steroid Anti Inflammatary Drugs (NSAID) :

  • Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs (NSAIDs) का उपयोग जानवरों में दर्द निवारक , बुखार , सूजन  को कम करने में किया जाता है। 
  • Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs (NSAIDs)  प्रगनैंसी सेफ (Pregnancy Safe) होते है। 
Ex. - Meloxicam , Paracetamol , Nimesulide , Diclofenic , Ibuprofen , Ketoprofen, Indomethacin, Flunixin Meglumine , Aspirin , Phenylbutazone , Mefenamic Acid .

5. Euthanasia :

  • यूथेनेशिया दवा जानवरों में "दर्द रहित मौत" देने के लिए प्रयोग की जाती हैं, आमतौर पर वे स्थितियों में इस्तेमाल की जाती हैं जब जानवर  कठिन बीमारी या चोट के कारण पीड़ित है। 
Ex. - Inj. Sodium Pentobarbital I/V , Inj. MgSo4 का संतृप्त घोल।  

6. Sedatives :

  • ये दवाएँ जानवरों को धीरे-धीरे नींद लाने में मदद करती हैं और उन्हें अधिक शांतिपूर्ण और सुखद बनाती हैं। Sedatives जानवरों को अधिक सामाजिक बनाने और उनकी चिकित्सा देखभाल करने में मदद कर सकती हैं, जैसे कि सर्जरी के दौरान या परीक्षण के दौरान।
Ex. - Xylazine (General Anesthesia) , Detomidine 

animal medicine in hindi ,animal medicine name, Animal medicine in india, animal medicine names and uses, animal medicine online, Animal medicine names and uses, veterinary medicine list and uses pdf, Animal medicine name list in india, cattle medicine list pdf

7. Luxatives : 

  • इनका उपयोग पशु सरीर से सामान्य मल निकासी के लिए किया जाता है। 
Ex. - Liquid Paraffin , Soft Paraffin etc.

8. Anti Emetics : 

  • वे औषधियाँ जो शरीर में उल्टी को रोकने का कार्य करती है। 
Ex. Ondansetron , Domperidone , Metoclopramide . 

9. Antacids :

  • एंटासिड दवाएँ अतिरिक्त पेट के एसिड को न्यूट्रलाइज़ करने के लिए उपयोग की जाती हैं, जिससे एसिड रिफ्लक्स, हार्टबर्न, और पाचन संबंधी समस्याओं के लक्षणों में राहत मिलती है। ये पेट में pH स्तर को बढ़ाकर काम करती हैं, अम्लता और असहजता को कम करती हैं।
Ex. NaHCO , Sodium Citrate .

10. Anti Histamine : 

  • एंटीहिस्टामाइन दवाएँ एलर्जी के लक्षणों को कम करने के लिए प्रयोग की जाती हैं। ये दवाएँ शरीर में हिस्टामाइन के उत्पादन को रोककर जलन, खुजली, सूजन, और आराम प्रदान करती हैं।
Ex. CPM (Chlorpheniramine Maleate) , Pheniramine (Avil) , Cetrizine , Levocetrizine.

11. Antizymotic 

  • "Antizymotic" या "Anti fermentive" दवाएं पशु के खाने के बाद पाचन से संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद करती हैं। ये अधिक मात्रा में गैस, अपच, या पेट की समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। इन दवाओं का कार्य भोजन संबंधी खराबी को कम करने और पाचन प्रक्रिया को सुधारने में सहायक होता है।
Ex. - तारपीन का तेल , फॉर्मेलिन। 

12. Anti Diarrheal Drugs :

  • एंटीडायरियल दवाएँ जीवाणुओं या विषाणुओं के कारण होने वाली दस्त को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। ये दवाएँ पेट के आंतों की आरामदायक श्रमिकता को बढ़ाती हैं, जिससे पेट की समस्याओं जैसे कि दस्त, दर्द, और अनियमित आंतों को कम किया जा सकता है।
Ex. - Tannic Acid , Activated Charcol , Sulphasalazine , Kaolin etc.

Animal medicine in India: Discover essential medicines for livestock & pets in India. Find reliable veterinary drugs for diverse animal healthcare needs.

Follow Us on Social Media

Stay connected with The Rajasthan Express by following us on our social media platforms: